इस्लामिक धर्म का प्रमुख त्योहार है बकरीद, जो मीठी ईद के करीब 70 दिन बाद आता है। बकरीद को ईद-उल-अजहा के नाम से भी जाना जाता है। इस साल ये त्योहार ज्यादातर देशों में आज मनाया जा रहा है, जबकि भारत में बकरीद कल 1 अगस्त शनिवार को मनाया जाएगा।

मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने बयान जारी कर बताया है कि शनिवार को पूरे देश में ईद उल अजहा मनाई जाएगी। बकरीद के मद्देनजर मुस्लिम धर्मगुरु खालिद रशीद फिरंगी महली ने लोगों से सरकारी गाइड लाइंस का पालन करने की भी अपील की है। उन्होंने कहा है कि लोग अपने घरों में रहकर ही बकरीद मनाएं। घरों में ही नमाज अदा कर कुर्बानी मनाए। कुर्बानी की जगह को सैनिटाइज जरूर करें। साथ ही मास्क और ग्लव्स का इस्तेमाल भी करें।

त्योहार ईद की नमाज़ के साथ शुरू होता है

त्योहार ईद की नमाज़ के साथ शुरू होता है। सभी मुस्लिम पुरुष मस्जिदों या ईद गाह में ईद की नमाज अदा करते हैं। ईद की नमाज के बाद कुर्बानी का सिलसिला शुरू होता है। बता दें, केरल में आज बकरीद का त्योहार मनाया जा रहा है। तिरुवनंतपुरम के एक मस्जिद में लोग सामाजिक दूरी बनाकर नमाज़ अदा करते हुए दिखे।

मस्जिद में सिर्फ 5 लोग करेंगे नमाज अदा

कोरोना महामारी को देखते हुए इस बार ईद उल अदहा सादगी से मनाने का ऐलान किया गया है। ईद उल अदहा की नमाज का वक्त सुबह 7 बजे मुकर्रर किया गया है। मस्जिद में सिर्फ 5 लोग नमाज अदा करेंगे। बाकी लोग अपने घरों में नमाज पढ़ेगे। इस बार कुर्बानी बंद जगह में की जाएगी। किसी भी तरह भीड़ इकट्ठा नहीं करने की गुजारिश भी लोगों से की गई है।

कुर्बानी की जगह को भी सैनिटाइज करने की अपील

मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने लोगों से कुर्बानी का एक हिस्सा गरीबों में बांटने की अपील की है। इसके साथ ही उन्होंने मुस्लिम समुदाय के लोगों से नमाज में कोरोना के खात्मे के लिए विशेष दुआ करने की अपील की है।

उन्होंने कहा है कि बकरीद के मौके पर कहीं भी भीड़ इकट्ठा ना करें। इसके साथ ही लोगों से मास्क और ग्लव्स का प्रयोग करने को कहा गया है, जिससे वायरस को फैलने से रोका जा सके। संक्रमण फैलने के डर से कुर्बानी की जगह को भी सैनिटाइज करने का निर्देश दिया गया है।

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