ग्लोबल वैक्सीन शिखर सम्मेलन: जीएवीआई क्या है और भारत ने ग्लोबल वैक्सीन एलायंस के लिए $ 15 मिलियन का वादा क्यों किया?

ग्लोबल वैक्सीन समिट: ग्लोबल वैक्सीन शिखर क्या है ? भारत ने ग्लोबल वैक्सीन एलायंस के लिए $ 15 मिलियन का वादा क्यों किया ? तो आइए जानते है फीडबाबा के जरिए इनके बारे में…

ग्लोबल वैक्सीन शिखर सम्मेलन, जिसे यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन द्वारा आयोजित किया गया था। कई अन्य वैश्विक नेताओं के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने भी इसमें भाग लिया था। भारत ने GAVI में भारत के योगदान के रूप में $ 15 मिलियन का वादा दिया है।

4 जून को प्रधान मंत्री मोदी ने वर्चुअल ग्लोबल वैक्सीन शिखर सम्मेलन को संबोधित किया और GAVI में भारत के योगदान के रूप में $ 15 मिलियन का वादा किया है। इस साल ग्लोबल वैक्सीन शिखर सम्मेलन की मेजबानी यूनाइटेड किंगडम द्वारा की गई थी। प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने शिखर सम्मेलन की मेजबानी की, जिसमें 50 से अधिक देशों के व्यापारिक नेताओं, संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों, नागरिक समाज, सरकार के मंत्रियों, राज्य के दिग्गज और देश के कई नेताओं ने भाग लिया।

GAVI क्या है?

GAVI एलायंस, जिसे पहले वैक्सीन और टीकाकरण के लिए ग्लोबल अलायंस के रूप में जाना जाता है, एक वैश्विक संगठन है जो सभी के लिए टीकाकरण के लिए समर्पित है। इसका मुख्य उद्देश्य है कि दुनिया के सबसे गरीब देशों में वैक्सीन की पहुंच बढ़ाकर लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा करना है।

वर्चुअल ग्लोबल वैक्सीन समिट का उद्देश्य

ग्लोबल वैक्सीन शिखर सम्मेलन का उद्देश्य है कि दुनियाभर के राष्ट्रों से आग्रह है कि वे टीकाकरण के लिए निधि दें, जिससे जीवन को बचाया जा सके और दुनिया को भविष्य के होने वाली महामारी जैसे COVID-19 से बचाया जा सके। शिखर सम्मेलन का उद्देश्य वर्ष 2025 तक दुनिया के सबसे गरीब देशों में 300 मिलियन बच्चों के टीकाकरण करने के लिए 7.4 मिलियन अमेरिकी डॉलर जुटाना है।

पीएम मोदी का संबोधन

पीएम ने संबोधन में कहा, भारत की सभ्यता ने दुनिया को एक परिवार के रूप में देखना सिखाया है और वैश्विक महामारी के समय में, भारत ने अपने शिक्षण को जीने की कोशिश की। भारत ने अपने पड़ोसी देशों के लिए एक सामान्य प्रतिक्रिया रणनीति स्थापित की है और अपनी आबादी की रक्षा करते हुए जरूरतमंद देशों को विशिष्ट सहायता प्रदान की है। भारत अब तक 120 से अधिक देशों के साथ दवाओं का स्टॉक साझा कर चुका है।

मोदी ने आगे कहा, भारत इन चुनौतीपूर्ण समय में दुनिया के साथ एकजुटता के साथ खड़ा है। COVID-19 ने वैश्विक सहयोग की सीमाओं को उजागर किया है और इतिहास में पहली बार, मानव जाति एक स्पष्ट आम दुश्मन का सामना कर रही है।

पीएम मोदी ने GAVI को न केवल वैश्विक गठबंधन के रूप में बल्कि एकजुटता के प्रतीक के रूप में भी संदर्भित किया। भारत टीकों का दुनिया का सबसे बड़ा उत्पादक भी है और दुनिया के लगभग 60% बच्चों के टीकाकरण में योगदान करने के लिए भाग्यशाली है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, भारत का GAVI को समर्थन केवल वित्तीय मामले तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसकी भारी मांग ने सभी के लिए टीकों की वैश्विक कीमत को कम कर दिया है और GAVI के लिए लगभग 400 मिलियन डॉलर की बचत की है।

UIP क्या है?

यूनिवर्सल टीकाकरण कार्यक्रम यानि की यूआईपी का लक्ष्य 12 टीका-रोकथाम रोगों से बच्चों और गर्भवती महिलाओं की रक्षा करना है। यह कार्यक्रम भारत सरकार द्वारा साल 1985 में शुरू किया गया था, जिसके तहत नि:शुल्क टीकाकरण प्रदान किया जाता है जैसे- तपेदिक, डिप्थीरिया, पर्टुसिस, टेटनस, पोलियो, हेपेटाइटिस बी, निमोनिया और मेलाइटिस, खसरा, रूबेला, जापानी इंसेफेलाइटिस और रोटावायरस दस्त।

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