क्या है गरीब कल्याण रोजगार अभियान ? पीएम ने लॉन्च की रोजगार योजना

हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार यानि की आज एक योजना का शुभारंभ किया है, जिसका नाम है गरीब कल्याण रोजगार अभियान, तो आइए जानते है फीडबाबा के जरिए की ये गरीब कल्याण रोजगार अभियान क्या है ? इससे किन लोगों को मिलेंगा फायदा और कैसे इसका यूज कर सकते है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शनिवार को गरीब कल्याण रोजगार अभियान का शुभारम्भ किया। कोरोना संकट की वजह से अपने शहरों को लौटे श्रमिकों को इस स्कीम से फायदा होगा। इस स्कीम के तहत केंद्र सरकार 50 हजार करोड़ रुपए खर्च करेगी। इस स्कीम के तहत 6 राज्यों के 116 जिलों में लोगों को रोजगार मिलेगा। साथ ही इस योजना के तहत लोगों को 25 तरह के काम मिलेंगे।

इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में देश के ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत शामिल हुए थे।

पीएम मोदी ने कहा, देश की ग्रामीण आबादी ने कोरोना के संक्रमण को बहुत प्रभावी तरीके से रोका है। साथ ही कहा, ये अभियान हमारे श्रमिकों के लिए है। इनमें ज्यादातर ऐसे श्रमिक हैं, जो लॉकडाउन के दौरान अपने घरों, गांवों को लौटे हैं। मेरे श्रमिक साथियों, देश आपकी भावना और जरूरत को भी समझता है। बिहार के खगड़िया से शुरू हुआ ये अभियान इसी जरूरत को पूरा करता है। मुझे इस कार्यक्रम की प्रेरणा कुछ श्रमिक भाइयों से ही मिली है।

इस अभियान के लिए 25 क्षेत्रों की पहचान की गई है। इस स्कीम के तहत ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जाएगा। सभी श्रमिकों की हूनर की मैपिंग की शुरुआत की गई है, जिससे प्रवासियों को उनके कौशल के हिसाब से काम मिल सके। सरकार अभी सुनिश्चित कर रही है कि कोरोना महामारी के समय गांवों में रहते हुए श्रमिकों को किसी से कर्ज लेने की जरूरत न पड़े।

प्रधानमंत्री ने कोरोना वायरस को देखते हुए लोगों से घरों से बाहर निकलते वक्त जरूरी एहतियात बरतने को कहा है। जैसे की लोग घर से मास्क पहनकर ही बाहर निकले, साथ-साथ स्वच्छता का भी विशेष ध्यान रखें।

गरीब कल्याण रोजगार अभियान की खास बातें

इस योजना में छह राज्यों के 116 जिलों को चुना गया है। जो है- बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड और ओडिशा के 116 जिले शामिल है। इस स्कीम के तहत फिलहाल 125 दिनों तक श्रमिकों को काम दिया जाएगा। पीएम ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बिहार के खगड़िया जिले के बेलदौर प्रखंड के तेलिहार गांव से इस योजना की शुरुआत की।

वित्त मंत्री ने पहले ही दे दी थी जानकारी

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बीते गुरुवार को गरीब कल्याण रोजगार अभियान की जानकारी दी थी। वित्त मंत्री ने कहा था, लॉकडाउन के बाद पूरे देश में बड़ी संख्या में श्रमिक अपने गांवों को गए हैं। राज्यों ने इसके लिए परिवहन की व्यवस्था भी की थी। हम उन जिलों की पहचान कर रहे हैं, जहां सबसे ज्यादा श्रमिक लौटे हैं। साथ ही कहा, इन 25 कार्यों में आंगनवाड़ी केंद्र, ग्रामीण सड़कें, ग्रामीण आवास, रेलवे के काम, ग्रामीण क्षेत्रों में RURBAN मिशन, सोलर पम्पसेट आदि काम शामिल है।

उन्होंने कहा, गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत आए 25 कार्यों में से जो काम गांव लौटे श्रमिक की कौशल के अनुसार सही होगा, उसका चयन किया जाएगा। 15वें वित्त आयोग की सिफारिश के अनुसार, गावों में ग्रामीण स्थानीय निकायों को धन जारी होगा। गरीब कल्याण रोजगार अभियान काम उपलब्ध करवाएगा और ग्रामीण इलाकों में संपत्ति निर्माण करेगा, जिससे ग्रामीण विकास को बल मिले।

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