कोरोना काल में दुनियाभर की अर्थव्यवस्था चरमराई हुई है और नौकरियों पर संकट मंडरा रहा है, वहीं दूसरी ओर सोने और चांदी के दाम दिन-ब-दिन आसमान छू रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए इस विकास दर का आकलन 4.9 फीसदी किया है।

इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन हरियाणा के प्रधान राकेश वर्मा का दावा है कि इस साल 17 मार्च को सोने के भाव 40,500 रुपए तक था। कुछ दिनों के अंदर ही ये कीमत 44 हजार रुपए तक पहुंच गई। अप्रैल और मई में दामों में बढ़ोत्तरी होती रही।

दावा किया गया है कि साल 2007 से सोने के दामों में करीब साढ़े चार गुना तक बढ़ोत्तरी हो चुकी है। एसोसिएशन का दावा है कि 30 जून और एक जुलाई को सोने के भाव करीब 50 हजार रुपए तक पहुंचे गए थे। 2 जुलाई को सोने के भाव में मामूली कटौती के चलते यही भाव 49,500 रुपये तक पहुंचे।

17 मार्च से सोने-चांदी दोनों ने पकड़ी रफ्तार

इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन हरियाणा के प्रधान राकेश का दावा है कि इस साल 17 मार्च को चांदी के भाव 35 हजार रुपये प्रति किग्रा तक थे। 30 जून और एक जुलाई को चांदी के भाव रिकार्ड 50 हजार रुपये प्रति किग्रा तक पहुंच गए। दो जुलाई को चांदी के भाव में मामूली कमी देखने को मिली। अब 49,500 रुपये तक चांदी के भाव हो गए हैं।

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