अतुल्य भारत 2.0 अभियान क्या है ? पर्यटन के लिए अविश्वसनीय भारत 2.0 योजना…

महामारी COVID-19 के कारण अर्थव्यवस्था पर काफी प्रभाव पड़ा है। ऐसे में यात्रा, पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र सबसे ज्यादा बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। इस महामारी के चलते घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय यात्रा के प्रतिबंधित होने से पर्यटन उद्योग को हजारों करोड़ रुपए से भी अधिक का नुकसान हुआ है। भारतीय उद्योग परिसंघ ने इसे सबसे बुरे संकटों में से एक करार दिया है।

इससे न केवल घरेलू पर्यटन उद्योग, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन उद्योग भी प्रभावित हुआ है। बता दें, यात्रा और पर्यटन प्रतिस्पर्धी सूचकांक, 2019 में भारत ने अपनी स्थिति में सुधार करते हुए 34वां स्थान प्राप्त किया है।

भारत में कश्मीर से कन्याकुमारी तक, अरुणाचल प्रदेश से गुजरात तक प्रत्येक क्षेत्र की अपनी विशिष्टता और संस्कृति है। भारत प्रत्येक क्षेत्र अपने-अपने रंग का है जैसे ठंडा/गर्म रेगिस्तान लद्दाख/ राजस्थान, नदियों में गंगा और ब्रह्मपुत्र आदि, वन में निलिगिरि और उत्तर पूर्व आदि, द्वीपों में अंडमान और निकोबार, पर्वत और पठारों आदि प्राकृतिक विशेषताओं से पर्यटकों को आकर्षित करने की क्षमता रखते हैं। साथ ही इन सभी चीज़ों को देखने के लिए विदेश से आने वालें पर्यटकों के लिए कई विकल्प प्रदान करती है।

ऐसे में इस क्षेत्र के पुनः संचालन के लिये मानक प्रचालन प्रक्रिया को अपनाने की आवश्यकता है। जिससे किसी महामारी के बाद भी स्वच्छता और सुरक्षा संबंधी अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके।

महामारी से पहले भारत में पर्यटन की स्थिति

साल 2019 में प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने संबोधन में वर्ष 2022 तक प्रत्येक नागरिक से देश के 15 पर्यटक स्थलों का भ्रमण करने का आह्वान किया था। इसका प्रमुख उद्देश्य वर्ष 2022 तक भारत को वैश्विक पर्यटन का केंद्र बनाना है।

वर्ल्ड ट्रैवल एंड टूरिज़्म काउंसिल, 2018 की रिपोर्ट में भारत को पर्यटन के मामले में विश्व में तीसरा स्थान मिला है। इस रिपोर्ट में 185 देशों के पिछले सात सालों यानि की 2011-2017 के प्रदर्शन पर अवलोकन किया गया था। इस रिपोर्ट के चार मुख्य आधार थे-

1- सकल घरेलू उत्पाद में कुल योगदान

2- अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन व्यय

3- घरेलू पर्यटन व्यय

4- पूंजी निवेश

साल 2017 में, पर्यटन से भारत ने लगभग 23 अरब डॉलर का राजस्व अर्जित किया, जिसे साल 2023 तक 100 अरब डॉलर करने का लक्ष्य रखा गया है। आपको बता दें ये लक्ष्य फ्रांस और स्पेन की तुलना में अधिक है। साल 2017 में भारत में 1.4 करोड़ विदेशी पर्यटक आए थे। वहीं सकल घरेलू उत्पाद में पर्यटन का योगदान 7% रहा। वहीं साल 2019 में यात्रा, पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र ने सकल घरेलू उत्पाद में 9.3% का योगदान दिया और 5.9% का निवेश प्राप्त किया।

पर्यटन उद्योग की महत्वता

पर्यटन एक बहुत बड़ा उद्योग है। यह कई क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सृजित करता है साथ ही अर्थव्यवस्था को तेजी से बढ़ाने में मदद करता है। विश्व भर में पर्यटकों की संख्या वर्ष 1950 में 2.5 करोड़ थी, जबकि वर्ष 2018 में बढ़कर यह 125 करोड़ हो गई है।

पर्यटन क्षेत्र में प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष तौर पर करीब 4.27 करोड़ लोगों को रोजगार मिला हुआ है। फिक्की की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2019 में भारत को ट्रैवल और टूरिज्म क्षेत्र में 10 लाख नौकरियां प्राप्त हुई हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2029 तक प्रति वर्ष इस सेक्टर में 10 लाख नौकरियां सृजित होने का अनुमान था। वर्ष 2019 के अंत तक भारत में इस क्षेत्र का कारोबार बढ़कर 35.40 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया, जो वर्ष 2018 में 17 लाख करोड़ रुपए के आसपास था। पिछले कुछ सालों में ट्रैवल और टूरिज्म इंडस्ट्री में हुई प्रगति के बाद से कुछ सालों के अंदर ही आतिथ्य क्षेत्र ने भी काफी प्रगति की है।

भारत 2.0 अभियान

पर्यटन मंत्रालय ने देश के विभिन्न गंतव्यों और पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय वर्ष 2017-18 के दौरान अतुल्य भारत 2.0 अभियान शुरू किया है, जिसका उद्देश्य विशिष्ट प्रचार योजनाओं के माध्यम से विरासत स्थलों की प्रसिद्धि का प्रचार-प्रसार करना है। इसमें पर्यटन की आध्यात्मिक, चिकित्सा और योग विधा शामिल है।

अतुल्य भारत 2.0 अभियान डिजिटल और सोशल मीडिया पर अधिक ध्यान केंद्रित कर बाज़ार आधारित प्रचार योजनाओं और उत्पादन विशिष्टता के आधार पर रचनात्मकता में हो रहे सामयिक परिवर्तनों को दर्शाता है। इस अभियान के द्वारा पर्यटक सुविधाएं विकसित करने के लिए सार्वजनिक और निजी कंपनियों को उत्तरदायित्व दिया जाएगा।

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